हिंदी में एमएसटीसी स्वर्ण जयंती लोगो   एमएसटीसी लिमिटेड (भारत सरकार का एक उपक्रम)   अंग्रेजी में एमएसटीसी स्वर्ण जयंती लोगो

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निदेशक मंडल:
  MSTC Board of Directors
बोर्ड के सदस्यों तथा वरिष्ठस प्रबंधन के लिए मॉडल व्याकपार आचार संहिता तथा नैतिकता:

1.0               प्रस्‍तावना

1.1               इस संहिता को एमएसटीसी लि. (इसके बाद कंपनी कहा गया है) के बोर्ड के सदस्‍यों तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन के लिए व्‍यापार आचार संहिता तथा नैतिकता कहा जाएगा ।

1.2               इस संहिता का उद्देश्‍य है-कंपनी कार्यों के प्रबंधन में नैतिक एवं पारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा देना ।

1.3               बोर्ड के सदस्‍यों एवं वरिष्‍ठ प्रबंधन के लिए इस संहिता को खासकर स्‍टॉक एक्‍सचेंज के साथ लिस्‍टिंग करार के क्‍लॉज 49 के प्रावधानों तथा डीपीई की दिशानिर्देशों के अनुसार अनुपालन के लिए बनाया गया है

1.4               यह 2 दिसम्‍बर,2007 (वर्ष एवं माह) से प्रभावी है ।

 

2.0             परिभाषा एवं व्‍याख्‍या:

 

2.1               बोर्ड के सदस्‍यों का आशय है कंपनी के निदेशक मण्‍डल के निदेशक ।

 

2.2               पूर्णकालिक निदेशक अथवा कार्यशील निदेशकों का आशय है कंपनी के निदेशक मण्‍डल के निदेशक, जो कंपनी के पूर्णकालिक नियुक्‍ति पर हैं।

  

2.3               अंशकालीन निदेशकों का आशय है – कंपनी के निदेशक मण्‍डल के, निदेशक, जो कि कंपनी की पूर्णकालिक नियुक्‍ति में नहीं हैं ।

 

2.4               रिश्‍तेदार शब्‍द का आशय वही होगा, जैसा कंपनी अधिनियम,1956 में पारिभाषित है ।

 

2.5               वरिष्‍ठ प्रबंधन शब्‍द का आशय है कंपनी के कार्मिक,जो इसकी कोर प्रबंधन टीम के सदस्‍य हैं, निदेशक मण्‍डल को छोड़कर और इसमें शामिल होंगे प्रबंधन के समस्‍त सदस्‍य, पूर्णकालिक निदेशकों से एक स्‍तर नीचे, समस्‍त कार्यशील प्रधान सहित

                                    2.6          “कंपनी शब्‍द का आशय है-एमएसटीसी लिमिटेड

 

3.0          प्रयोज्‍यता:

3.1          यह संहिता निम्‍नलिखित कार्मिकों पर लागू होगा:-

(क)   समस्‍त पूर्णकालिक निदेशक कंपनी के अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक सहित

(ख)   समस्‍त अंशकालिक निदेशक, स्‍वतंत्र निदेशकों सहित कानून के प्रावधानों के

अधीन ।

(ग)    वरिष्‍ठ प्रबंधन ।

 

 

3.2          पूर्णकालिक निदेशक तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन कंपनी की अन्‍य लागूयोग्‍य/लागू होने वाली नीतियों, नियमों तथा प्रक्रियाओं का अनुपालन जारी रखेंगे

4.0   संहिता की अंतर्वस्‍तु

खण्‍ड I       - सामान्‍य नैतिक अवश्‍यकरणीय

खण्‍ड II       - विशिष्‍ट पेशेवर जिम्‍मेदारियाँ

खण्‍ड III                           - बोर्ड के सदस्‍यों तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन के लिए अतिरिक्‍त प्रावधान

 

यह संहिता पेशेवर कार्य के आचरण में नैतिक निर्णय लेने के लिए आधार के रूप में कार्य करने कीइच्‍छा रखता है । यह पेशेवर नैतिक मानकों के उल्‍लंघन के संबंध में औपचारिक अभ्‍यर्थना के मेरिट निर्धारण के लिए भी आधार के रूप में कार्य करेगा ।

 

यह समझ लिय गया है कि इस नैतिक एवं आचार संहिता दस्‍तावेज में कुछ शब्‍द एवं वाक्‍यांश सत्‍यापन की व्‍याख्‍या के अधीन है । किसी प्रकार की द्विविधा के मामले में बोर्ड का निर्णय अंतिम होगा ।

                   

खण्‍ड – I

5.0          सामान्‍य नैतिक अवश्‍यकरणीय

5.1          समाज एवं मानव की भलाई के लिए योगदान

5.1.1      यह सिद्धान्‍त सभी लोगों के जीवन की गुणवत्‍ता से संबंधित है, मूलभूत मानव अधिकार की रक्षा करने तथा समस्‍त संस्‍कृतियों का सम्‍मान करने के दायित्‍व की स्‍वीकृति है । हमें यह सुनिश्‍चित करने की कोशिश करनी चाहिए कि हमारे प्रयासों का प्रतिफल सामाजिक जिम्‍मेदारी की तरह से प्रयुक्‍त होगा, सामाजिक दायित्‍व को पूरा करेगा तथा अन्‍यों के स्‍वास्‍थ्‍य एवं कल्‍याण के हानिकारक प्रभावों से बचाएगा । सुरक्षित सामाजिक वातावरण के अतिरिक्‍त मानव कल्‍याण में शामिल है – सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण ।

 

5.1.2      अत: समस्‍त बोर्ड के सदस्‍यगण एवं वरिष्‍ठ प्रबंधन, जो कंपनी के उत्‍पाद की डिजाइन, विकास, उत्‍पादन एवं प्रोन्‍नति के लिए जिम्‍मेदार हैं, को सतर्क हो जाना चाहिए तथा दूसरों को भी मानव जीवन एवं वातावरण की रक्षा एवं सुरक्षा के लिए कानूनी एवं नैतिक दोनों जिम्‍मेदारियों से अवगत कराएँ ।

 

5.2.2   ईमानदार बनिए तथा ईमानदारी विश्‍वास का आवश्‍यक अंग है बिना विश्‍वास के कोई भी संगठन असरदार तरीके से कार्य नहीं कर सकता

 

5.2.1      निष्‍ठा एवं ईमानदारी विश्‍वास का आवश्‍यक अंग है । विश्‍वास के बिना कोई भी संगठन असरदार तरीके से कार्य नहीं कर सकता है ।

 

5.2.2      समस्‍त बोर्ड के सदस्‍य तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन से यह उम्‍मीद की जाती है कि व्‍यक्‍तिगत तथा पेशेवर निष्‍ठा,ईमानदारी तथा इथिकल कंडक्‍ट के सर्वोच्‍च मानक के अनुसार कार्य करें,जबकि सार्वजनिक उद्यमका व्‍यापार संचालित किया जाय

 

5.3          निष्‍पक्ष बनिए तथा फर्क लाने के लिए  कार्रवाई न करें

 

5.3.1      सम्‍मान, सहिष्‍णुता, दूसरों के लिए सम्‍मान तथा समान न्‍याय इस इम्‍परेटिव से गवर्न होता है । जाति यौन, धर्म, आयु, विकलांगता तथा अन्‍य इस प्रकार के फैक्‍टर संहिता का स्‍पष्‍ट उल्‍लंघन ।

 

 

 5.4         गोपनीयता को सम्‍मान

5.4.1    ईमानदारी का सिद्धान्‍त सूचनाओं की गोपनीयता के मामले तक बढ़ाई गयी है । समस्‍त

स्‍टेकधारकों को गोपनीयता के सभी आभार के संबंध में नीति विषयक है, जब तक कि

कानून के वांछित आभार तथा इस संहिता के सिद्धान्‍तों को डिस्‍चार्ज नहीं किया जाता ।

 

5.4.2        समस्‍त बोर्ड से सदस्‍य तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन व्‍यापार के संबंध में अप्रकाशित गोपनीय

       सूचनाएँ तथा सीपीएसई के कार्यों को बरकरार रखेंगे ।

  

      5.5.           प्रतिज्ञा एवं कार्यपद्धति

 

      5.5.1      गतिविधियों के समस्‍त क्षेत्र में निष्‍ठा एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास करना ।

      5.5.2  जीवन के हर क्षेत्र में भ्रष्‍टाचार उन्‍मूलन के लिए अथक कार्य करना ।

      5.5.3   कंपनी के विकास एवं सम्‍मान की दिशा में सतर्क रहना और कार्य करना ।

      5.5.4   कंपनी के स्‍टेकधारकों के लिए विकास एवं मूल्‍य आधारित सेवाएँ प्रदान करना और संगठन के लिए सम्‍मान अर्जित करना।

      5.5.5   होशहवास के साथ तथा बिना भय एवं पक्षपात के कर्तव्‍य पालन करना।

 

खण्‍ड –II

 

                6.0    विशिष्‍ट पेशेवर जिम्‍मेदारियाँ:

 

      6.1    रोजाना सीपीएसर्इ के विजन, मिशन एवं मूल्‍यों के साथ जीना।

प्रत्‍येक दिन एमएसटीसी लि. के विजन मिशन एवं मूल्‍यों के साथ जीना। तत्‍काल संदर्भ के लिए वे नीचे लिखे अनुसार हैं:

 

      विजन :

       

      मिशन :

       

      मूल्‍य :

  

      * उत्कृष्‍ट कार्य के लिए जोश तथा परिवतर्न के लिए अभिरुचि।

      * सभी मामलों में निष्‍ठा तथा सच्‍चाई।

      * व्‍यक्ति की संभवना तथा प्रतिष्ठा के लिए सम्‍मान।

      वादों का कठोरता से अनुपालन।

      * जवाब की गति सुनिश्चित करना।

      * शिक्षण, सृजनात्‍मकता तथा टीम वर्ककी तलाश।

      * सीपीएसई में गर्व एवं निष्‍ठा।33

 

6.2.    पेशेवर कार्य के उत्‍पादों एवं प्रक्रिया दोनों में सर्वोच्‍च क्‍वालिटि, असरदारिता एवं तथा सम्‍मान अर्जित करने के लिये कठोर परिश्रम: उत्‍कृष्‍टता कदाचित पेशेवरों के लिए कदाचित सबसे प्रमुख उत्‍कृष्‍टा है। अत:, प्रत्‍येक व्‍यक्ति सर्वोच्‍च क्‍वालिटी, असरदारिता तथा अपने कार्य में सम्‍मान के लिए प्रयास करना चाहिए।

 

6.3    पेशेवर सक्षमता को अर्जित करना और बनाए रखना: उत्‍कृष्‍टता व्‍यक्ति विशेष पर निर्भर अत: सभी से यह उम्‍मीद की जाती है कि सक्षमता के उचित स्‍तर पर मानकों की स्‍थापना हेतु बैठकों में साथ लें और उना मानकों को हासिल करने के लिए संघर्ष करें।

 

6.4.   कानूनों का अनुपालन: बोर्ड के सदस्‍यगण तथा सीपीएसई वरिष्‍ठ प्रबंधन वर्तमान स्‍थानीय, राज्‍य राष्‍ट्रीय तथा अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के लागू प्रावधानों का अनुपालन करेंगे। वे सीपीएसई के व्यवसाय से जुड़ी नीतियों, प्रक्रियाओं, नियमो एवं विनियमों का भी अनुसरण करेंगे और उनका पालन करेंगे

 

6.5.    उचित पेशेवर समीक्षा को प्रदान करना एवं स्‍वीकार करना: क्‍वालिटी पेशेवर कार्य पेशेवर समीक्षा एवं टिप्‍पणियों पर निर्भर करता है जहाँ कही भी उचित, व्‍यक्तिगत सदस्‍य को पियर समीक्षा की माँग करनी चाहिए तथा उनके कार्य की गंभीर समस्‍या प्रदान करती है।

 

6.6    कार्य जीवन में सुधार के लिए व्‍यक्तिगत एवं संसाधनों का प्रबंधन: संगठन के बड़े लोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किया जाता है, ताकि वे अपना सर्वोत्तम प्रदान कर सकें । बोर्ड के सदस्‍यगण तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन सीपीएसई के समस्‍त कर्मचारियों की मानव सम्‍मान के लिए जिम्‍मेदार होंगे, उन्‍हें आवश्‍यक सहायता एवं सहयोग प्रदान करके । इसप्रकार,कार्यकी क्‍वालिटी में वृद्धि‍ करेंगे ।

 

6.7    सीधा रहिए तथा किसी प्रलोभन से बचिए: बोर्ड के सदस्‍यगण तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन अपने परिवार तथा अन्य व्‍यक्तिगत फीस, कमीशन एवं पारिश्रमिक का अन्‍य रूप से माँग नहीं करेंगे । इसमें उपहार तथा महत्‍वपूर्ण मूल्‍य का अन्‍य लाभ भी शामिल है, जिसे समय पर एजेंसी आदि को ठेका प्राप्‍त करने तथा व्‍यापार को प्रभावित करने के लिए विस्‍तारित किया जाता है ।

6.8    निगमित अनुशासन का अवलोकन: संवाद का प्रवाह सीपीएसई में कठोर नहीं है तथा लोग हर स्‍तर पर अपने को व्‍यक्‍त करने के लिए स्‍वतंत्र है । यद्यपि, निर्णय तक पहुँचने के लिए प्रक्रिया मेंमतों का स्‍वतंत्र विनिमय है, परन्‍तु वाद-विवाद समाप्‍त होने तथा नीति मतैक्‍य स्‍थापित हो जाने के बाद इसके अनुपालन तथा इसकी बाध्‍यता के लिए सबसे उम्‍मीद की जाती है । भले ही कुछ उदाहरण में कोई व्‍यक्तिगत रूप से राजी नहीं भी हो सकता है । कुछ मामलों में नीतियाँ  कार्रवाई के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करती हैं, दूसरे में कार्रवाई पर बाधा पहुँचाने के लिए उनकी डिजाइन बनाई गई है । सभी को फर्क और उचित को पहचानना सीखना होगा कि उनका पालन क्‍यों आवश्‍यक है ।

 

6.9    इस तरीके से करना जिसमें कंपनी की साख दिखाई पड़े: सभी से उम्‍मीद की जाती है कि वे ड्यूटी के बाहर दोनों में इस तरीके से कार्य करें जिसमें कंपनी की साख दिखाई पड़े । उनके पेशेवर रूख एवं व्‍यवहार का कुल योग कंपनी के स्‍टैंडिंग में माने रखने हैं तथा संगठनमें जिस तरह से यह समझा गया और जनसाधारण के द्वारा विदित है ।

 

6.10   कंपनी के स्‍टेकधारकों के प्रति जबाबदेह बनिए: जिन्‍हें हम सेवा देते हैं उनमें से सभी, चाहे वे हमारे ग्राहक हों, जिनके बिना कंपनी व्‍यवसाय में बनी रह सकती, शेयरधारक हो, जिनका व्‍यवसाय में महत्‍वूर्ण स्‍टेक है, कर्मचारी हों, जो सभी कुछ करने में दिलचस्‍पी रखते है, वेण्‍डर हों, जो समय पर डिलिवरी करके कंपनी को सहयोग करते हैं तथा समाज, कंपनी अपने कार्यों से जिसके प्रति जिम्‍मेदार है वे सभी कंपनी के स्‍टेकधारक हैं। अत: सभी को सब समय यह ध्‍यान में रखना होगा कि वे कंपनी के स्टेकधारकों के प्रति जवाबदेह हैं ।

 

6.11        आंतरिक व्‍यापार की रोकथाम: बोर्ड के सदस्‍यगण तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन संहिता, आंतरिक प्रक्रिया तथा कंपनी की सिक्‍युरिटी के साथ डीलिंग करने में रोकथाम करने के लिए आचरण का अनुपालन करेंगे ।

 

6.12        व्‍यापार जोखिमों को पहचानिए,अवशमन कीजिए तथा प्रबंध कीजिए: यह हरेक की जिम्‍मेदारी है कि वह जोखिम प्रबंधन, कंपनी के फ्रेवर्क का अनुसरण कंपनी के परिचालन क्षेत्र या कार्य के आसपास के जोखिम को पहचानने के लिए करें तथा इस तरह की जोखिमों के प्रबंधन की कंपनी की विस्‍तृत प्रक्रिया में मदद करें, ताकि कंपनी अपना विस्‍तृत व्‍यापारिक उद्देश्‍य हासिल कर सकें

 

6.12  कंपनी की सम्‍पत्‍तियों की रक्षा करें: बोर्ड के सदस्‍यगण तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन परिसम्‍पत्‍तियों की रक्षा करेंगे, जिनमें शामिल हैं-भौतिक परिसम्‍पत्‍तियाँ, सूचना तथा कंपनी का बौद्धिक अधिकार एवं उनका प्रयोग अपने व्‍यक्‍तिगत फायदे के लिए नहीं करेंगे

 

खण्‍ड –III

1.0      बोर्ड के सदस्‍यों तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन के लिए विशिष्‍ट अतिरिक्‍त प्रावधान

 

1.1       बोर्ड के सदस्‍य एवं वरिष्‍ठ प्रबंधन के रूप में: बोर्ड की बैठकों में तथा जिस समिति में वे सेवा प्रदान करते हैं उसमें भाग लेंगे ।

 

2.0      बोर्ड के सदस्‍य के रूप में:

 

2.1    अपने अन्‍य बोर्ड की पोजीशनों, अन्‍य व्‍यवसायों के साथ संबंध तथा अन्‍य घटनाओं/परि‍स्‍थितियों/दशों में किसी प्रकार के बदलाव, जो उनके बोर्ड/समिति की ड्यूटी पूरा करने में तथा बोर्ड के निर्णय पर प्रभाव डाल सकता है, के बारे में अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक/कंपनी सचिव को सूचित करने का वादा करते हैं कि क्‍या वे स्‍टॉकएक्‍सचेंज के लिस्‍टिंग करार तथा डीपीई के दिशानिर्देश की आवश्‍यकता पूरी करते हैं ।

 

2.2    वादा करते हैं कि बोर्ड के अनिच्‍छुक सदस्‍यों के पूर्व अनुमोदन के बिना, वे हितों के प्रत्‍यक्ष अन्‍तर्द्वन्‍द्व से बचेंगे । हितमों में अन्‍तर्द्वन्‍द्व तब हो सकता है, जब उनका व्‍यक्‍तिगत स्‍वार्थ होगा, जिसमें कंपनी के हित के साथ संभावित अंतर्द्वन्‍द्व हो सकता है । उदाहरण स्‍वरूप कुछ मामले हो सकते हैं:

 

-संबद्ध पार्टी लेन-देन: कंपनी अथवा उसकी सहायक कंपनियों के साथ संबंध अथवा किसी लेन-देन में प्रवेश करना, जिसमें उनका वित्‍तीय अथवा अन्‍य व्‍यक्‍तिगत स्‍वार्थ हो । प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से जैसे एक पारिवारिक सदस्‍य,या संबंधी या अन्‍य व्‍यक्‍ति अथवा अन्‍य संस्‍था के जरिए जिसके साथ वे जुड़े हैं) ।

 

-बाहरी निदेशकत्‍व: किसी अन्‍य कंपनी के बोर्ड में निदेशकत्‍व स्‍वीकार करना, जो कंपनी के साथ व्‍यापारिक प्रतिद्वंद्विता करती है ।

 

-परामर्श/व्‍यापार/नियोजन: किसी गतिविधि में शामिल होना (चाहे वह परामर्श सेवा प्रदान करने,व्‍यवसाय चलाने, नियुक्‍ति स्‍वीकार करने के रूप में हो) जिसके कंपनी के प्रति उनके ड्यूटी/जिम्‍मेदारी के साथ दखलंदाजी अथवा अन्‍तर्द्वन्‍द्व होने की संभावना हो । उन्‍हें किसी भी आपूर्तिकर्ता, सेवा प्रदाता या कंपनी के ग्राहक के साथ किसी अन्‍य तरीके से अपने को जोड़ेंगे या निवेश नहीं करेंगे ।

-व्‍यक्‍तिगत लाभ के लिए अपने सरकारी पद का इस्‍तेमाल: अपने सरकारी पद का इस्‍तेमाल व्‍यक्‍तिगत लाभ के लिए नहीं करेंगे ।

2.3 व्‍यापार आचार संहिता एवं नैतिकता का अनुपालन:

 

2.3.1     कंपनी के बोर्ड के सभी सदस्‍यगण तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन इस संहिता के सिद्धान्‍तों को बढ़ावा देंगे एवं मर्यादा बनाए रखेंगे

संस्‍था का भविष्‍य तकनीकी एवं नैतिक उत्‍कृष्‍टता पर निर्भर करता है । संहिता में व्‍यक्‍त किए गए सिद्धान्‍तों का अनुपालन बोर्ड के सदस्‍यों एवं वरिष्‍ठ प्रबंधन के लिए ही सिर्फ आवश्‍यक नहीं है, उनमें से प्रत्‍येक को दूसरों के द्वारा अनुपालन को समर्थन तथा प्रोत्‍साहन भी दिया जाना चाहिए ।

 

2.3.2संस्‍था के साथ असंगत जुड़ाव के रूप में इस संहिता का उल्‍लंघन माना जाय

 

नैतिकता की संहिता का पेशेवर अनुपालन आमतौर पर विस्‍तृत रूप से स्‍वेच्‍छा का विषय है । तथापि, यदि बोर्ड के सदस्‍य तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन में से कोई इस संहिता की अनुमति नहीं देता है, तो इसकी समीक्षा बोर्डद्वारा की जाएगी और इसका निर्णय अंतिम होगा। कंपनी दोषी के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखती है ।

 

2.4  विविध प्‍वाइण्‍ट:

 

2.4.1संहिता का लगातार अद्यतन किया जाना:

 

यह संहिता कानून में किसी प्रकार के बदलाव, कंपनी के दर्शनशास्‍त्र विजन, व्‍यापार योजना में परिवर्तन के अनुसार लगातार समीक्षा एवं अद्यतन के अधीन है, अन्‍यथा बोर्ड द्वारा जैसा आवश्‍यक समझा जाय तथा इस प्रकार के सभी संशोधन/हेर-फेर उसमें वर्णित तारीख से प्रभावी होंगे ।

 

2.4.2 कहाँ से स्‍पष्‍टिकरण लिया जाय:

 

बोर्ड के किसी सदस्‍य तथा वरिष्‍ठ प्रबंधन, जिसे इस आचार संहिता के संबंध में किसी स्‍पष्‍टीकरणकी आवश्‍यकता हो, तो वह निदेशक (एचआर)/कंपनी सचिव/या निदेशक मण्‍डल द्वारा विशेष रूप से पदनामित किसी अधिकारी से सम्‍पर्क कर सकता है ।

 

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